क्वारंटीन में गर्मी और पसंदीदा खाना न मिलने से परेशान कुत्ता…

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क्वारंटीन में गर्मी और पसंदीदा खाना न मिलने से परेशान कुत्ता...

इन दिनों कोरोना वायरस की वजह से पूरा दश त्राहि-त्राहि कर रहा है। इस कोरोना की वजह से हजारों लोगों की जान भी जा चुकी है। इस महामारी की वजह से लाखों को क्वारंटीन भी किया गया है, जिसकी वजह से उन्हें काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक ऐसी खबर आ रही है, जहां क्वारंटीन किया गया परिवार खुद को लेकर नहीं, बल्कि अपने कुत्ते को लेकर परेशान है।

दरअसल, पिछले हफ्ते कोरोना के कारण एक इंजीनियर की मौत हो गई और अब उसके परिवार के दस सदस्यों को कलिंदीपुरम इलाके में एक अपार्टमेंट में क्वारंटीन में रखा गया है। सारे सदस्य एक साथ हैं और क्वारंटीन में रहने को लेकर वे तो तनाव में भी नहीं हैं, मगर उनका कुत्ता तनाव में है। इस परिवार की चिंता अपने कुत्ते मैक्स को लेकर है, जो उनके साथ ही क्वारंटीन में है।

परिवार के एक सदस्य अनुराग सिंह ने कहा कि हममें से कोई भी मैक्स को अकेला छोड़ने के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि हमें डर था कि वह उपेक्षित हो जाएगा और हमारी अनुपस्थिति में कुछ नहीं खाएगा। वह हमारे परिवार का अभिन्न अंग है।

यह परिवार नौ महीने के कुत्ते के बारे में इसलिए चिंतित है क्योंकि वो क्वारंटीन सेंटर में भी खाना नहीं खा रहा है। इसके पीछे कारण है कि उसका पसंदीदा भोजन यहां उपलब्ध नहीं है। अनुराग ने कहा कि उसका वजन कम हो रहा है और वह दुखी लग रहा है। हम उसे टमाटर केचप के साथ पूड़ी, अंडे और रोटी देते हैं लेकिन उसे यह खाना पसंद नहीं है। बढ़ते तापमान के कारण भी मैक्स असहज है।

अनुराग ने कहा कि हमारे पास क्वारंटीन सेंटर में एयर कंडीशनर या कूलर नहीं है और मैक्स गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहे थे जो मैक्स को अपने साथ रख सके और उसे एक सप्ताह तक ठीक से खिला सके, जब हमारी क्वारंटीन अवधि खत्म हो जाएगी, हम उसे वापस ले लेंगे।

हालांकि, ऐसा लगता है कि कोई भी परिवार कुत्ते को लेने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उन्हें डर है कि वह क्वारंटीन में परिवार के साथ रहने के बाद कोरोना संक्रमित हो सकता है। यहां तक कि प्रयागराज में कुत्ते के क्लीनिक ने भी कुत्ते की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है। अब तो इस कुत्ते को ऐसी ही स्थिति में रहना होगा, जब तक कि परिवार क्वारंटीन सेंटर से बाहर नहीं निकल जाता।

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