केंद्र पर फिर हमलावर हुई ममता बनर्जी; अमित शाह से की यह अपील

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ममता बनर्जी ने केंद्र पर फिर बोला हमला, अमित शाह से कहा- खुद आकर जांच कर लीजिये

बीते दिनों आए अम्फान चक्रवात के बाद से पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच जारी तनातनी में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश में फैले कोरोना वायरस के मुद्दों को लेकर केंद्र पर निशाना साध रही है, वहीं सूबे में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली बीजेपी ने अम्फान चक्रवात को अपना हथियार बनाया है।

मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस मुखिया ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोरोना की जंग में प्रवासी मजदूरों के बहाने जानबूझकर राज्य के कामकाज में दखल देना चाह रही है।

उन्होंने कहा कि मैंने अमित शाह जी से कहा कि आप लगातार पश्चिम बंगाल में केंद्रीय टीम भेज रहे हैं। आप भेजते रहिए लेकिन अगर आपको लग रहा है कि राज्य सरकार कोरोना से सही तरीके से नहीं निपट रही है तो आइए खुद देख लीजिए। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन इसके जवाब में उन्होंने जो कुछ कहा, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। उन्होंने कहा कि नहीं,नहीं हम एक चुनी हुई सरकार को कैसे नापसंद कर सकते हैं।

उधर बीजेपी ने भी ममता सरकार को आड़े हाथों लेने की पूरी तैयारी कर ली है। पश्चिम बंगाल में कोविड-19 से निपटने और चक्रवात ‘अम्फान’ से हुए नुकसान को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला तेज करते हुए विपक्षी दल बीजेपी ने राज्य सरकार की नौ ‘‘नाकामियों’’ की सूची बनाई है।

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को कहा कि यह सूची पश्चिम बंगाल में मौजूदा हालात के मद्देनजर बनाई गई है। पार्टी ने कहा कि सरकार कोविड-19 संकट से निपटने में पूरी तरह से विफल रही है और राज्य का स्वास्थ्य ढांचा ढहने के कगार पर है। घोष ने कहा कि इससे लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है।

बीजेपी ने राज्य सरकार पर चक्रवात से हुए नुकसान से निपटने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सात दिन बाद भी राज्य के लोग परेशानी में है क्योंकि कई इलाकों में अब भी बिजली और पानी नहीं है। बीजेपी ने लोगों के बीच अनाज के वितरण में कथित नाकामी के लिए भी सरकार पर निशाना साधा। उसने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की और उसे काला बाजार में ऊंची कीमतों पर बेचा।

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