तो इस नई रणनीती से योगी रोकेंगे यूपी में कोरोना का प्रसार, दिए अधिकारियों को निर्देश

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ग्राम प्रधानों की सीएम योगी से खास मांग, छ: महीने कार्यकाल बढ़ाने की गुहार
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लखनऊ। यूपी में कोरोना का प्रसार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए नई रणनीति बनाई है। यूपी में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों से निपटने के लिए अब यूपी के मुख्यमंत्री ने संस्थानों के बीच समन्यवय से जुड़ी नीति अपनाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही उन्होंने कन्टेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से पालने करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिया है कि इन कन्टेनमेंट जोन में लोगों की बुनियादी जरुरतें पूरी की जाएं।

क्या है सीएम योगी की नई रणनीति

यूपी में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। उनकी रफ्तार भी काफी तेज हो गयी है। अच्छी रिकवरी रेट के बाद भी यूपी कोरोना की लड़ाई में कमजोर होता दिख रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ कोविड से लडाई में अपनी कोर टीम 11 की रोजाना 1 से दो बार बैठक ले रहे हैं। ऐसी ही एक बैठक उन्होंने बुधवार को दोपहर में ली। इसी बैठक में योगी ने नई रणनीति बनाई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 से संक्रमित हुए नवजात शिशु से लेकर  वृद्ध लोगों  तक का इलाज किया गया है। जिन रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है उन रोगियों की केस हिस्ट्री की स्टडी की जानी चाहिए। यह देखा जाना चाहिए कि इनका इलाज कैसे और किन स्थितियों में हुआ। इस स्टी के बारे में उच्च स्तरीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद बनाना होगा। सभी को अलग-अलग केस हिस्ट्री की जानकारी और ट्रीटमेंट प्लान का पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक नई बीमारी है, जिसकी कोई कारगर दवा अथवा टीका अभी तक नहीं आया है। इसके दृष्टिगत इस प्रकार के अध्ययन कोविड-19 के रोगियों की रिकवरी दर को बढ़ाने में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

कानपुर कि स्थिति से परेशान सरकार

दो दिन पहले तक यूपी की राजधानी लखनऊ कोरोना कैपिटल बन गयी थी। केस 400 के करीब प्रतिदिन पहुंच गये थे। दो दिन से यहां पर केस के फैलाव पर कुछ लगाम लगी है तो कानपुर में केस बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा केस कानपुर में आए हैं। यूपी के मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिया है कि वे जनपद कानपुर नगर में कोविड-19 के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा करें। इसे और प्रभावी बनाने के लिए रणनीति तय करें। उन्होंने कहा कि नॉन कोविड अस्पतालों में मरीजों की पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से नियमित जांच की जाए। उन्होंने सभी जिलों के डीएम और सीएमओ को अपने-अपने जिलों में इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक कर प्लान बनाने के निर्देश भी दिए।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने इस मीटिंग में कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इसे बेहद सतर्कता और सावधानी से किया जाय। अधिक से अधिक टेस्ट किए जाएं और रैपिड एन्टीजन टेस्ट के नंबर बढ़ाए जाएं। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किए जाने के कार्य को जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जागरूकता सृजन के लिए टी0वी0, रेडियो, समाचार पत्रों, पोस्टर-बैनर, होर्डिंग तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए।

बीमारों की चिंता

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के गम्भीर रोगियों के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दवा के अभाव में किसी भी रोगी का उपचार प्रभावित नहीं होना चाहिए। सभी अस्पतालों में अतिरिक्त मात्रा में औषधियों की व्यवस्था की जाए। कोविड चिकित्सालयों में सभी वेंटीलेटरों को क्रियाशील रखा जाए। एल-2 तथा एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाया जाए। सोमवार को ही यूपी सरकार ने एसिंप्टोमैटिक रोगियों को होमआइसोलेशन की इजाजत दी है। इससे पहले ये इजाजत ना होने से यूपी के अस्पतालों में ईलाज के लिए बेड कम पड़ने लगे थे।

टेलीमेडिसिन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने टेलीमेडिसिन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार की ऑनलाइन ओ0पी0डी0 सेवा ‘ई-संजीवनी’ का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सके। गौरतलब है कि यूपी सरकार टेलीमेडिसिन पर इसलिए जोर दे  रही है क्योंकि इससे अस्पतालों में भीड़ कम हो सके।

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