अखिलेश यादव ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार को बताया किसान विरोधी

0
157
अखिलेश यादव ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार को बताया किसान विरोधी
अखिलेश यादव ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार को बताया किसान विरोधी

भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधने का एक भी मौका अखिलेश यादव नहीं चूकते हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा की सरकारें किसान विरोधी है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों जगहों की भाजपा पर अलग-अलग हमले किए हैं।

केंद्रीय भाजपा सरकार का अध्यादेश बनाएगा किसानों को बंधक

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आर्थिक सुधार के नाम पर भाजपा की केन्द्र सरकार जो तीन अध्यादेश लाई है। वह इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा पूंजीनिवेश का भी रास्ता खोलने की बात कर रही है पर उससे किसानों की दुर्दशा होने वाली है। भाजपा किसान का खेत ही छीन कर कारपोरेट घरानों को देने की साजिश कर रही है। देश का किसान ऐसे में विदेशी कम्पनियों का बन्धक बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने अध्यादेश में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की है कि किसान को कम्पनियां एमएसपी से कम दाम नहीं देंगी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाकर कोई मेहरबानी नहीं की है

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने खेती को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाकर और दूसरे राज्यों में भी फसल बेचने की सुविधा देकर कोई बड़ा उपकार किसानों पर नहीं किया है। जब अपने प्रदेश में ही साधन ना होने की वजह से वो अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं तो वे बाहर कहां बाजार की खोज करने जा सकेंगे?  अखिलेश यादव ने प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की कमी पर भी सरकार को घेरा।

किसानों के कर्जे पर भी निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया ने पिछले 8 वर्षों में 1.23 लाख करोड़ रूपए के कारपोरेट बुरे ऋण को बट्टे खाते में डाल दिया है। 50 बड़े कर्जदार भारी ऋण लेकर विदेश भाग गए। वहीं किसानों को छोटे-छोटे कर्ज के लिए भी वसूली की नोटिस, तहसील में गिरफ्तारी आदि से अपमानित किया जाता है।

यह भी पढ़ें –

वाराणसी को चमकाने का प्लान तैयार, 12 हजार करोड़ होगा खर्च

1 अगस्त को होगी बकरीद; कोरोना के बीच सपा सांसद ने कहा सामूहिक नमाज से भाग जाएगी बीमारी

राज्य सरकार बिजली नहीं देती है

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने डेढ़ गुना ज्यादा बिजली के बिल जारी कर दिए हैं। इससे किसानों की हालत पतली हो गयी है। प्रदेश में कृषि फीडर बन गए हैं पर ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे भी बिजली नहीं दी जाती है। उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी सरकार के समय किसानों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति मिलती थी। ट्यूबवेल पर बिजली बिल बढ़ा दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here