पर्वतीय संस्कृति की बहार संग दिखा देश सेवा का जज्बा

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पर्वतीय संस्कृति की बहार संग दिखा देश सेवा का जज्बा
पर्वतीय संस्कृति की बहार संग दिखा देश सेवा का जज्बा

 

लखनऊ। उत्तरायणी कौथिग मेले का दूसरा दिन पर्वतीय संस्कृति संग सेना दिवस के नाम रहा। इस मौके पर शुक्रवार को जहां एक ओर पर्वतीय सांस्कृतिक विरासत की झलकियां देखने को मिलीं, वहीं महापरिषद की ओर से वीर शहीदों के परिवार को भी सम्मानित कर देश के लिए अपने जीवन को न्यौछावर कर देने वाले वीर सपूतों की अमर गाथा से सबको अवगत कराया गया। इस मौके पर कुछ भूतपूर्व सैनिकोंं का भी स मान हुआ। महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी ने अन्य पदाधिकारियोंं संग मुख्य अतिथि न्याय व कानून मंत्री बृजेश पाठक को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर अलग-अलग कैटेगरी मेंं 102 बच्चों ने एकल डांस प्रतियोगिता मेंं प्रतिभाग किया। वहीं पर्वतीय संस्कृति के सामूहिक नृत्यों ने समां बांध दिया। गोमतीनगर शाखा द्वारा दैणा होगा खोली गणेशा हो, फौजी नॉन स्टॉप-फौजी की नौकरी, मेरी सुनीता रेशमी बानो, फुु ल फर्टेगा ज्यूनि लागी रै पर कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं गायक आनंद कपकोटी, नरेंद्र फर्तियाल, चित्रा काण्डपाल, रिचा जोशी, दमयंती नेगी व खुशी सेवा संस्थान की शानदार प्रस्तुतियोंं पर दर्शक झूम उठे। इस अवसर पर रामा पंत, दीक्षा ढोडियाल, हरीश काण्डपाल, जिया, हर्षिता व खुशी ने ‘सुवा रे सुवा रे बरखण्डी’, छपेली- ओ लाली गीत गाकर समां बांध दिया। वहीं एकल गायन में हितेश भारद्वाज व वंदना ने ‘सरूली ये जीया लागी रै, हे गज वंदना गौरी नंदना-गणेश वंदना व कहां जा के छुपा चितचोर भजन प्रस्तुत किया। इस दौरान महापरिषद के महासचिव महेंद्र सिंह रावत, के एन पाठक, संयोजक टी एस मनराल, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, के एस रावत, गोविंद पाठक, एम एस मेहता, रमेश उपाध्याय, रमेश चंद्र पाण्डेय, आनंद सिंह भंडारी, सुमन सिंह रावत, गंगा भट्ट, सुमन मनराल, माया भट्ट, जानकी अधिकारी, चित्रा काण्डपाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
एकल डांस मेंं कनिष्का, आद्या, यशि ने मारी बाजी
एकल डांस प्रतियोगिताओं में 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग में कनिष्का को प्रथम, पकार्क कार्की को द्वितीय, सांगवी को तृतीय व भाव्या साह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। 9 से 13 वर्ष आयु वर्ग में आद्या बिष्टï को प्रथम, ईशा को द्वितीय, ओजस्वी को तृतीय व इशिता को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। वहीं 13 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में यशि को प्रथम, नेहा को द्वितीय, मोनिका को तृतीय व धमेंद्र तथा अनुश्री को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

शिवालिक ह्यूमन सोसायटी की शानदार प्रस्तुति
उत्तराखंड खटीमा के दल शिवालिक ह्यूमन एग्रीकल्चर रिसर्च एंड एक्शन इंटरटेनमेंट सोसायटी के कलाकारोंं गोविंद बोरा, याली सिंह, राकेश रमेला, मनीष उपाध्याय, पार्थ पाण्डेय, नीता जोशी, बीना जोशी, प्रेरणा बोरा, आरती नेगी, माही जोशी, हिमानी पाण्डे ने ‘जै बोला जै भगवती नंदा की’ पर शानदार प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति को देखने केलिए पंडाल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

पुस्तक व फोटो प्रदर्शनी स्टॉल बने विशेष आकर्षण

महापरिषद के मीडिया प्रभारी हेमंत ने बताया कि इस बार मेले में पुस्तक व फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। महापरिषद द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी धन सिंह मेहता व के एन चंदोला की देख रेख में लगा रखी है। जिसमेंं उत्तराखंड के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी लगी है। इसमेंं खटीमा गोलीकांड से लेकर विभिन्न विषयों के साहित्य की पुस्तकें हैं। वहीं राज्य के आंदोलनकारियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगी है। इसकेजरिये उत्तराखंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाया गया है।

घरेलू वस्तुओं के स्टॉल पर जमकर हुई खरीदारी
कौथिग मेले के स्टॉल प्रभारी रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बार स्टॉल्स की बहुत डिमांड है। स्पेस से ज्यादा आवेदन आए हैं। मेले मेंं घरेलू वस्तुओंं के स्टॉल संग खजूर का गुड़, गड़ेरी, एक्यूप्रेशन उपकरण, बीकानेरी नमकीन, राजस्थानी फूड सहित विभिन्न स्टॉल लगे हैं। इसमें सर्वाधिक भीड़ घरेलू वस्तुओं के स्टॉल पर है। मेले में आए लोगोंं ने इन स्टॉल्स पर जमकर खरीदारी की।

कड़ाके की ठंड में तंदूरी चाय ने दी राहत
मेले मेंं घूमने आए लोगों ने कड़ाके की ठंड को मात देने केलिए तंदूरी चाय के स्टॉल पर चाय की चुस्कियां लगाईं। वहीं पहाड़ की बाल मिठाई, पहाड़ी नमक संग मड़वा के आटे का स्टॉल, बुरास, जखिया आदि के स्टॉलों पर भी लोगों ने जमकर पर्वतीय खानपान का लुत्फ उठाया।

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