आज़म खान को नहीं मिली राहत, 24 अगस्त तक रहना होगा जोल में

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आज़म खान को नहीं मिली राहत, 24 अगस्त तक रहना होगा जोल में
आज़म खान को नहीं मिली राहत, 24 अगस्त तक रहना होगा जोल में

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और सांसद आज़म खान को 24 अगस्त तक जेल में ही रहना होगा।आज़म अपने बेटे अब्दुल्ला और पत्नी तज़ीन फातिमा के साथ पिछले पांच महीने से सीतापुर जेल में बंद हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले की एडीजे कोर्ट में आज़म खान और उनके बेटे को पेश किया गया जहां दो मामलों में आज़म को 6 अगस्त और एक मामले में 24 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला—

आज़म पर आरोप है कि साल 2008 में मुरादाबाद के छजलैट इलाके में उन्होंने हाइवे जाम किया औऱ हंगामा काटा था।उस समय प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी । आजम खां की कार को पुलिस ने रोक लिया था और आज़म खुद पर जानलेवा होने का आरोप लगाकर अपने समर्थकों के साथ सड़क को जाम कर धरने पर बैठ गए थे। उस समय आजम खां राज्यसभा सांसद थे। इस मामले में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में जनवरी 2019 में कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी।

साल 2019 में ही पूरा मामला मुरादाबाद अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया। इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से कोर्ट में तारीख पर पेशी पर नहीं आ सके थे। कोर्ट में पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इस प्रकरण से जुड़े दो मामलों में आजम खां को 6 अगस्त तक के लिए और तीसरे मामले में 24 अगस्त तक के लिए कस्टडी में लिया गया है।

पांच महीने से बेटे और पत्नी के साथ जेल में बंद हैं आज़म

सपा सांसद आज़म खान, उनके विधायक रहे बेटे अब्दुल्ला आज़म और उनकी पत्नी तज़ीन फातिमा पिछले 5 महीने से जेल में बंद हैं। आज़म के खिलाफ योगी सरकार आने के बाद 80 मुकदमे दर्ज किए गए हैं जबकि अब्दुल्ला आज़म गलत प्रमाण पत्र और झूठा हलफनामा देने का आरोप है। पिछले पांच महीने से कोरोना महामारी के चलते वे सीतापुर कारागार में ही बंद हैं और कोर्ट में पेशी भी नहीं हो रही थी। कोरोना और लॉकडाउन की वजह  से पिछले 18 मार्च से आज़म खान और उनके परिवार से मुलाकात बी संभव नहीं हो पा रही थी।

139 दिन बाद जेल से बाहर आए आज़म

18 मार्च के बाद आज़म 139 दिन बार पहली बार जेल से बाहर आए थे। उन्हें सीतापुर से मुरादाबाद कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। यहां सुनवाई के बाद

पुलिस फिर पिता-पुत्र को लेकर सीतापुर जेल के लिए रवाना हो गई।

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