भगवान परशुराम सपा की नैया पार लगाने वाले नहीं हैं – बीजेपी

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Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अब मात्र 1 महीना ही बचा हुआ है और सभी पार्टियों ने अपना एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। आरोप प्रत्यारोप से लेकर शगुन अपशगुन तक, सभी कुछ देखने को मिल रहा है. ताजा मामला ‘भगवान परशुराम’ से जुड़ा है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भगवान परशुराम की एक प्रतिमा की स्थापना की थी। इसके लिए वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से पंडितों को बुलाया गया था और डमरू की आवाजों के बीच मूर्ति की स्थापना पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे के महुरा कलां गांव में सुल्तानपुर के पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने की थी।

राजनीति तो तब गरमा गयी जब दस दिन के अंदर भगवान परशुराम का फरसा टूटकर नीचे गिर गया. भारतीय जनता पार्टी ने इस मौके को न गवाते हुए इसे समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा अपशगुन बता दिया। भारतीय जनता पार्टी के नेता और योगी मंत्रिमंडल में सदस्य जितिन प्रसाद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘सपा को संकेत दे दिया भगवान परशुराम जी ने, वह उनकी नैया पार लगाने वाले नहीं हैं।’

कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर लिखा, ‘सपा के लिए भारी अपशगुन। कुपित हुए भगवान परशुराम ।फ़रसा गिरा । अखिलेश यादव द्वारा विद्वेष पूर्ण भावना से भगवान परशुराम जी के मंदिर में लगाए गए फरसे का गिर जाना,समाजवादी पार्टी के लिए भारी अपशगुन साबित होगा।’

बता दें, कि ‘फरसा’ भगवान परशुराम का शस्त्र है। इसे यहां पर ब्राह्मणों के प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया था। अब इसे ठीक कराने का काम चल रहा है।

 

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